उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने शुक्रवार को कहा कि मां गंगा अनादिकाल से हमारी आस्था का केंद्र रही हैं. अब हम इसे आस्था के साथ अर्थव्यवस्था का भी संगम बनाएंगे. अर्थ गंगा बनने पर सर्वाधिक लाभ उन करोड़ों गरीबों को होगा जिनकी आजीविका गंगा पर ही निर्भर है. इसके साथ ही सरकार ने इस अभियान के तहत जिन विभिन्न योजनाओं की घोषणा कर रखी है, उन पर अमल होने से गंगा के किनारे बसे सभी शहरों, कस्बों और गांवों का कायाकल्प हो जाएगा.
गंगा मैया का आशीर्वाद
गंगा बैराज पर गंगा यात्रा के समापन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गंगा यात्रा के पहले दिन मौसम खराब था, लेकिन आज गंगा मैया का आशीर्वाद हम सबको मिला है, तभी मौसम सुहाना है. उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता होती है कि 'नमामि गंगे' के फलस्वरूप प्रत्येक व्यक्ति पूरी आस्था के साथ गंगा में आकर डुबकी लगा रहा है, पुण्य का भागीदार होकर मां गंगा और भारत के प्रति अपनी वचनबद्धता को दोहराता है.
पीएम मोदी ने दिया नमामि गंगे का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नदी संस्कृति को बचाने के लिए नमामि गंगे का संदेश दिया था. उनकी अपेक्षा थी कि गंगा जी के साथ हमारा समन्वय पुरुषार्थ, धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष को जोड़ते हुए किसानों, नौजवानों, गंगा भक्तों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा एक अभियान चलाया जाए. यह 5 दिन की यात्रा उसी अभियान की एक कड़ी है.
नमामि गंगे के सबसे क्रिटिकल प्वाइंट पर हुआ बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानपुर के लोग जानते हैं कि नमामि गंगे का सबसे क्रिटिकल प्वाइंट यही था, लेकिन यहां पर बदलाव हुआ है. उसकी रिपोर्ट प्रधानमंत्री मोदी को दी तो उन्होंने राष्ट्रीय गंगा परिषद की पहली बैठक यहीं पर रखी. पहले जाजमऊ में मछलियां मर जाती थीं, लेकिन अब स्थिति सुधरी है. उन्होंने गंगा के किनारे के गांवों में केमिकल का प्रयोग न करने की अपील की. मुख्यमंत्री ने मौजूद लोगों को गंगा की निर्मलता, अविरलता व स्वच्छता का संकल्प दिलाया.